after you think you have lost it all i shall walk by your side
for i ain't like those dazzling blinding lights
i show up like a knight in your darkest nights
आजा अब तो मौसम की हर रुत बरस गयी
तेरे बिना मैं अकेला तन्हा
दुनिया की हर कुशी से अन्जां
तेरे इंतज़ार में यह आखें थक गयी
मानो ज़िन्दगी की जैसे रफ़्तार थम गयी
अब आ जालिम और न सता
अपनी याद में मेरे दिल को और न रुला
मारना है तो मुझे अपने हुसन से मार
जुदाई में क्या रखा है
प्यार करना है तो मुझ से कर
इस खुदाई में क्या रखा है
मैं :
ए मेरे दिल यह तुझे हुआ क्या है
क्यूँ तू आज इस ज़माने से खफा है
क्या भूला है तू हमेशा कुश रहने की बात
क्यूँ बहा रहा है अपने अन्दर के ज़ज्बात
दिल :
कब तक मैं तेरे दुखो को छुपता जायूँगा
कब तक मैं कुशी से जिंदा जलता जायूँगा
मरता हूँ पल पल झूटी जिंदगी जी कर
हस्ता हूँ ऊपर रो रो के भीतर!!!
बढ रही है नफरते प्यार हो रहा है कम
आदमी ही आदमी पर कर रहा सितम
इंसान में इंसानियत हो रही ख़तम
यही हमारी सदी का है गम
पैसा और दौलत के पीछे भाग रहे हैं हम
भूल गए दोस्ती और मोहब्बत का रहम
बस जीते हैं एक मशीन की तरह हम
यही हमारी सदी का है गम
महफिले हैं यहाँ महफिले हैं वहाँ
फिर भी न जाने मैं क्यूँ तन्हा
यह महफिले यह महखाने सब है झूठे
फिर कैसे न मन मेरा इस दुनिया से रूठे
जीना तो होगा यह मैं जनता हूँ
इसलिए हर गम में मुस्कराता हूँ
झूटी हसी में सच्चाई ढूँढता हूँ
इंसान में इंसानियत ढूद्ता हूँ
कुछ ज्यादा नहीं मांगता मैं जालिम ज़माने से
बस थोडी सी वफ़ा थोडा जाम कुशी के पयमाने से
दे सको दो दिल में थोडी जगह दे देना
अर्थी पर आकर झूठे आंसू मत बहा देना